स्कूल का उन्नयन तो कर दिया, लेकिन तीन साल बाद भी नहीं हुई स्थाई शिक्षक की व्यवस्था

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सागर। शिक्षा विभाग ने हाई स्कूल की व्यवस्था के लिए मिडिल स्कूलों का उन्नयन तो कर दिया, लेेकिन सालों बाद भी स्कूल भवन व स्थाई शिक्षकों की व्यवस्था नहीं कर सका। ऐसा ही हाल बंडा ब्लॉक के गोराखुर्द गांव की शासकीय हाईस्कूल का है। इस स्कूल को मिडिल स्कूल से उन्नन कर हाईस्कूल तो बना दिया गया, लेकिन यहां स्थाई शिक्षक एक भी पदस्थ नहीं हैं। हाईस्कूल का स्वयं का भवन भी नहीं है। ऐसे में पुराने भवन में बच्चों को बैठकर पढ़ाया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक 89 बच्चाें का दाखिला है, लेकिन यहां शुरू से ही स्थाई शिक्षक का पद नहीं हैं। पहले तो मिडिल व प्राइमरी स्कूल के शिक्षक ही बच्चों को पढ़ाते रहे। कुछ समय पहले स्कूल में अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की गई है, जो बच्चों को पढ़ा रहे हैं।

गांववालों का कहना है कि मिडिल स्कूल का उन्नयन कर वर्ष 2016 में हाईस्कूल बनाई गई थी, लेकिन इन तीन सालों में न तो स्थाई शिक्षक मिल सके, न ही हाईस्कूल का भवन बन सका। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई अतिथि शिक्षकों के भरोसे चलती है। कई बार तो अतिथि शिक्षक की नियुक्ति ही आधा शिक्षण सत्र बीतने तक हो पाती हैं।

सालों बाद भी अधूरा पड़ा भवन

स्कूल में जगह की कमी को देखते हुए पिछली पंचायत के कार्याकाल में एक कक्ष का निर्माण शुरू हुआ था, जिसका काम आज भी पूरा नहीं हो सका है। भवन का स्टेक्चर तो खड़ा हो गया, लेकिन उसके आगे का काम आज भी अधूरा हैं। वहीं जगह के अभाव में पुराने व जर्जर भवन में भी बच्चों को बैठकर पढ़ाया जाता है। स्कूल की सीलिंग का प्लास्टर उखड़ चुका है। कई हिस्से में सरिया दिखाई दे रहा है। इसके बाद भी बच्चे इन्हीं कक्षों में बैठकर पढ़ाई करते हैं। गांववालों का कहना है कि वे स्कूल भवन की मांग व शिक्षकों की कमी दूर करने को लेकर 181 पर कई बार शिकायत कर चुके, लेकिन इस दिशा में कदम नहीं उठाया गया। शिक्षकों के मुताबिक प्राइमरी स्कूल में बच्चों की संख्या 168 है, वहीं शिक्षक छह हैं। इसी तरह मिडिल स्कूल में विद्यार्थी 188 व शिक्षक दो हैं। हाईस्कूल में बच्चे 89 हैं, लेकिन यहां स्थाई शिक्षक का एक भी पद भरा नहीं है। वर्तमान में पांच अतिथि शिक्षक हाईस्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे हैं।

बच्चों व अतिथि शिक्षकों को नहीं पता शिक्षा मंत्री

स्कूल में मिडिल स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षा मंत्री का नाम नहीं पता। गांववालों के मुताबिक बच्चों को पढ़ाई बेहतर नहीं हो रही है। कई बच्चों से प्रदेश के शिक्षा मंत्री का नाम पूछा तो वे बता नहीं पाए। इतना ही नहीं अतिथि शिक्षकों से भी जब शिक्षा मंत्री का नाम जानना चाहता तो वे सही जवाब नहीं दे सके।

भवन में पदपूर्ति के लिए पत्र लिखे हैं

स्कूल प्रभारी मुन्नलाल अहिरवार ने बताया कि हाईस्कूल में स्थाई शिक्षक पदस्थ करने की मांग को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखे हैं। यह व्यवस्था उच्चस्तर से होती है। स्कूल भवन को लेकर भी पत्राचार किया गया है। बच्चों को प्रत्येक दिन सामान्य ज्ञान की जानकारी दी जाती है। खासकर शनिवार को इसी उद्देश्य से बालसभा का आयोजन होता है। बच्चे सामान्य ज्ञान में मजबूत हों, यह कोशिश हो रही है।

सागर-से सत्यनारायण कुर्मी की रिपोर्ट

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