खीरी के सदर में दुर्घटना में घायल साइकिल सवार की मौत, दबाव में आकर पुलिस ने नहीं लिखा 4 दिन बाद भी मुकदमा

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*जनपद लखीमपुर खीरी जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र का मामला……….*

✍🏻 *न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित परिवार, नहीं मिल रहा प्रशासन द्वारा न्याय!*

✍🏻 *4 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने नहीं किया मुकदमा पंजीकृत!*

✍🏻 *सत्ता पक्ष के दबाव में पुलिस, पीड़ित पक्ष का नहीं कर रही मुकदमा पंजीकृत!*

लखीमपुर खीरी। मामला जनपद लखीमपुर खीरी के सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत सलेमपुर कोन मोहल्ला गोविन्द नगर का हैं बीते दिनों राजापुर स्थिति पालीटेक्निक कालेज की घटना। तेज़ रफ़्तार से आ रही यू० पी० 34 सी० 8804 इंडिका गाड़ी ने साइकिल सवार को मारी ज़ोरदार टक्कर जिसमें साबिर अली पुत्र अनवर अली निवासी सलेमपुर कोन मोहल्ला गोविन्द नगर के टक्कर लगने से काफी चोट लगने की वजह से साबिर अली को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान साबिर की शाम 7 बजे मृत्यु हो गई गयी वहीं जिला अस्पताल द्वारा मृतक का पुलिस द्वारा पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था।
तेज़ रफ़्तार वाहन से हुई टक्कर वाहन चालक मौका पाते ही गाड़ी छोड़ मौके से भागने में कामयाब रहा।
जिसकी पीड़ित ने लिखित शिकायत प्रार्थना पत्र सदर कोतवाली मे दिया था। 4 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस मुकदमा पंजीकृत नहीं कर रही है वहीं पर पीड़ित न्याय के लिए सदर कोतवाली जाता है तो पुलिस द्वारा गेट से ही बाहर भगा दिया जाता है। जहां जनपद लखीमपुर खीरी में डीएम व एसपी व पुलिस स्टाप चारों तरफ शक्ति से निपटने के लिए 24 घंटे दिन रात एक कर रही है। वहीं 4 चार दिन बीत जाने के बाद भी‌ पीड़ित परिवार का मुकदमा पंजीकृत करने में असफल दिख रही सदर कोतवाल कहीं सत्ता पक्ष के दबाव में पुलिस पीड़ित का मुकदमा पंजीकृत करने में पीड़ित को कोतवाली के चक्कर तो नहीं कटवा रहीं हैं।

*सूत्रो के हवाले से*
जब गांव सलेमपुर कोन मे म्रतक के पास पड़ोस में जानकारी की गयी तो सूत्रों ने बताया की म्रतक साबिर अली की पुसतैनी जमीन है जिस पर कुछ दबंग भू माफियाओं ने जबरन कब्जा कर रखा है और उसी पुसतैनी जमीन को पाने के लिए साबिर अली कोट कचहरी का दरवाजा खटखटाया था मामला न्यायलय मे विचाराधीन होने के बावजूद भी दबंगों ने बीते दिनों उस पर निमार्ण कार्य शुरू कर दिया था तब साबिर अली ने प्रशासन से लगाई थी न्याय की गुहार और रोक दिया गया था निमारण कार्य ।
जो अभी भी न्यायलय मे विचाराधीन है और इस बात से कहीं ऐसा तो नहीं की साबिर अली की मौत के पीछे जुड़े हैं काफी सवाल और अगर गहनता से हो इस मामले की जाच तो हो सकता बड़ा खुलासा

लखीमपुर खीरी से खबर एक्सपर्ट के लिए मोहम्मद आलम की रिपोर्ट

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