आगरा: एत्मादपुर में 83% अंक के साथ कॉलेज टॉप करने वाले इंटर के छात्र सूरज के हर परिजन की आंखों में है आंसू, आपको भी झकझोर देगी इस टॉपर की कहानी

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आगरा। वो नाम की तरह चमकना चाहता था। मेहनती था। उसका अधिकारी बनने का सपना था। परिवार का नाम रोशन करना चाहता था। मगर, गणित का पेपर देकर घर नहीं पहुंचा। हादसे में मौत हो गई। अब जब परीक्षा परिणाम आया तो सूरज जो वायदा परिवार से करता था, वो पूरा किया। सूरज ने 83% अंक आए हैं। मां मै आईएएस बनकर देश की सेवा करूंगा, आपका नाम रोशन करूंगा, यह कहता था जिंदगी से अस्त हो कर चमके सूरज का, परिजनों को क्या पता था देश की सेवा करने का वायदा करने वाला सूरज कभी वापस लौटकर नहीं आएगा।
जनपद आगरा के।एत्मादपुर विधान सभा क्षेत्र के थाना बरहन निवासी बबलू त्यागी का 18 वर्षीय पुत्र सूरज त्यागी कस्बा बरहन स्थित राष्ट्रीय इंटर कालेज का छात्र था, 29 फरबरी को गणित की परीक्षा देकर वापस देकर ऑटो से वापस घर आ रहा था, बैनई गांव के समीप ऑटो दुर्घटना ग्रस्त हो गया था जिसमें सूरज त्यागी गंभीर रूप से घायल हो गया था , परिजन आनन फानन में उपचार के लिए जयपुर लेकर गए थे जहां 21 दिन बाद उपचार के दौरान दम तोड दिया था। सूरज की मौत की सूचना से परिवार मै कोहराम मच गया था ,
यूपी बोर्ड परिणाम से परिवार मै मचा कोहराम।
शनिवार दोपहर यूपी बोर्ड का परिणाम घोषित हुआ , जिसमें सूरज ने 416 अंक प्राप्त किए, सूरज के साथियों द्वारा परिजनों को बताया गया कि सूरज ने 416 अंक। प्राप्त कर कॉलेज टॉप किया है। सूरज में परिणाम से खुशी तो नहीं मिली लेकिन परिवार मै मातम फैल गया, मा और पिता का रो रों कर बुरा हाल है।
परिवार का इकलौता चिराग था सूरज।
सूरज त्यागी परिवार का इकलौता चिराग था, सूरज की तीन बहिन शालू, अंजलि, और खुशबू के बीच अकेला था।
बेटा अब कौन करेगा तेरा बायादा पूरा।
सूरज आई ए एस बनकर देश की सेवा करने का वायदा माता मीरा देवी और पिता बबलू त्यागी से किया करता था, लेकिन पढ़ाई मै सूरज ने अच्छे अंक पाने का वायदा तो पूरा किया लेकिन सूरज खुद चमकने के बाद अस्त हो गया। वहीं पिता बबलू त्यागी का कहना है कि हजार का इकलौता चिराग था सूरज, वो आईएएस बनाकर देश की सेवा करना चाहता था लेकिन वह इस।दुनिया मै नहीं रहा।

मेहनती, कर्तव्य निष्ठ था सूरज।
सूरज के क्लास टीचर कौशलेंद्र चौहान ने बताया की सूरज शुरू से ही मैहनती और कर्तव्य निष्ट था, वह अपने कार्य समय से और हमेशा अध्यापकों की आज्ञा का पालन किया करता था।

 

एत्मादपुर से पवन शर्मा की रिपोर्ट

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